Sunday, March 9, 2014

एकला चलो रे..





मनुष्य अकेला है, वह अकेला ही इस पृथ्वी पर आता है और उसे अकेला ही जाना होता है.. अकेला होना ही मनुष्य का स्वभाव है.. इस सत्य को भली-भांति जानते हुए भी मन के एक कोनें में साथ की आकांक्षा बनी ही रहती है..




2 comments:

  1. Replies
    1. :) धन्यवाद, शास्त्री जी...

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